Saving Accounts की 5 बातें जो आपको पता होनी ही चाहिए

Saving Accounts kya he aur kyu jaruri he ?

आज के वक्त में लगभग हर किसी का Saving Account है। Government ने जनधन योजना की शुरुआत भी इसीलिए की थी, ताकि अधिक से अधिक लोगों के Saving Account खोलकर उन्हें Banking से जोड़ा जा सके। सेविंग्स अकाउंट आपका ek बैंक खाता होता है, जिसमें आप पैसे जमा कर के रखते हैं। इस अकाउंट का इस्तेमाल पैसे रखने और पैसों के लेन-देन yani ki Money Transaction के लिए तो होता ही है,.. साथ ही यह कई और भी काम आता है। आइए आपको बताते हैं सेविंग्स अकाउंट के बारे में 5 ऐसी बातें, जो हर किसी को पता होनी चाहिए।

Agar aap, pura article nahi padhna chahte to ye video dekh sakte he. Apko puri jankari mil jayegi.

Saving Accounts की 5 बातें जो आपको पता होनी ही चाहिए

1- पैसे रखने और लेन-देन के आता है काम

सेविंग्स अकाउंट के बारे में pehli बात wo है जिसे अधिकतर लोग जानते हैं। सेविंग्स अकाउंट में लोग अपने पैसे रखते हैं। इस अकाउंट में पैसे dale भी जा सकते हैं और किसी को इस खाते से पैसे भेजे भी जा सकते हैं। सेविंग्स अकाउंट से बिल गा भुगतान भी किया जा सकता है। इस खाते में तमाम तरह की सरकारी सब्सिडी भी आ सकती हैं और इससे तमाम तरह के भुगतानों के लिए Standing Instructions yani ki scheduled payments bhi kiya जा सकता है, ताकि ड्यू डेट पर अपने आप पैसे कट जाएं। Agar yaha tak video pasand aya he to Video ko like aur share kar dijiye, channel pe naye he to subcribe karna na bhule.

2- कई तरह से हो सकता है भुगतान के लिए इस्तेमाल

सेविंग्स अकाउंट से aap डेबिट कार्ड, चेक और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए ट्रांजेक्शन कर sakte है। तमाम बैंकों के मोबाइल ऐप के जरिए भी सेंविग्स अकाउंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। आप अपने सेविंग्स अकाउंट पर कितनी ट्रांजेक्शन करते हैं, और कहां-कहां से कितने रुपये credit aur debit करते हैं, उनकी पूरी जानकारी आपको स्टेटमेंट के जरिए मिलती रहती है।

3- न्यूनतम बैलेंस भी रखना होता है जरूरी

सेविंग्स अकाउंट भी अलग-अलग तरह के होते हैं और उसी आधार पर हर अकाउंट में कुछ न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। हालांकि, कुछ सेविंग्स अकाउंट ऐसे भी होते हैं, जिनमें न्यूनतम बैलेंस रखने की limitation नहीं होती है। जिन सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है, उसमें अगर न्यूनतम बैलेंस ना रखा जाए तो आपको कुछ जुर्माना देना पड़ता है।

4- सेविंग्स अकाउंट में रखे पैसों पर मिलता है ब्याज

सेविंग्स अकाउंट में आप जो पैसे रखते हैं, उस पर आपको ब्याज भी मिलता है। यह ब्याज Quaterly, Half Yearly और yearly दिया जाता है। अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग अवधि के लिए ब्याज भी अलग मिलता है। अभी ये 3-4 % के करीब है, जो अलग-अलग समय में बैंकों की तरफ से बदला जाता है। सेविंग्स अकाउंट में ब्याज कम मिलता है, इसलिए अगर आप अधिक दिन तक पैसे अपने खाते में रखना चाहते हैं, तो उसका फिक्स्ड डिपॉजिट करवा सकते हैं।

5- सेविंग्स अकाउंट पर मिला ब्याज होता है टैक्सेबल

सबसे अहम बात ये है कि सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है। इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार अगर सेविंग्स अकाउंट से मिले ब्याज की रकम 10 हजार रुपये से अधिक होती है तो 80TTA के तहत आपको उस पर टैक्स देना होगा। सीनियर सिटीजन के लिए ये सीमा 80TTB के तहत 50 हजार रुपये की है। टैक्स कितना लगेगा, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आप किस टैक्स स्लैब में आते हैं।

Top Zero Balance Saving Accounts 2022

ये  रहे टॉप जीरो बैलेंस Saving Accounts और उस पर मिलने वाले व्याज की %. आ  इसमे अकाउंट खुलवा सकते हे. कोई भी बैंक में अकाउंट खुलवाने से पहले आपको उस bank के बारे में और उसकी History के बारे में  जान लेना चाहिए.

  1. IDFC First Bank Pratham Savings Account: 4.00%
  2. YES Bank Smart Salary Advantage: 4.00%
  3. Kotak Mahindra Bank 811 Digital Bank Account: 3.50%
  4. IndusInd Bank Indus Online Savings Account: 4.00%
  5. Standard Chartered Bank Aasaan: 2.75%
  6. HDFC Bank BSBDA: 3.00%
  7. State Bank of India BSBDA: 2.70%
सेविंग अकाउंट के बारे में निचे दी गयी और भी महत्व पूर्ण जानकारी को पढ़े

1) बैंकों के सभी फॉर्म्स ३ भाषा में प्रिंट किये जाते हे । इसमें खाता खोलने के फॉर्म, पे-इन-स्लिप, पासबुक आदि शामिल हैं। इसमें अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित क्षेत्रीय भाषा शामिल हे । आप अपनी चुनिंदा भाषा का फॉर्म बैंक से ले सकते ह। 

2) ग्राहक बिना किसी परेशानी के अपना खाता एक शाखा से दूसरी शाखा में ट्रांसफर भी कर सकता ह। आईसीआईसीआई बैंक में आप आपका खाता ऑनलाइन एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर कर सकते हे बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के।  दूसरी बैंको में ये सेवा के लिए आपको ब्रांच विजिट करनी पद सकती हे।  

3) खाता खोलते समय ही बैंकों को ग्राहकों को न्यूनतम शेष राशि के बारे में सूचित करना पड़ता हे। मिनिमम बैलेंस न रखने पर चार्जेज भी बैंक को बताने पड़ते ह। एक जागृत नागरिक की तरह आपको भी नया खाता खुलवाते समय ये जानकारी जरूर पूछनी चाहि। 
 
4) सभी बैंको को अपने खाताधारक को पासबुक सेवा फ्री में उपलब्ध करनी होती हे।  भले ही बैंक अपने खता धारक को अकाउंट का विवरण ईमेल से या प्रिंट से भेजते हो। 

5) सभी चेक फॉर्म हिंदी और अंग्रेजी में प्रिंट होने चाहिए। हालाँकि आप हिंदी, अंग्रेजी या अपनी स्थानीय भाषाओं में लिख सकते हैं।

6) कूरियर के माध्यम से आपको चेक बुक भेजने का जोखिम आपके बैंकरों के पास है। इसलिए यदि यह आप तक नहीं पहुंचा तो वे अपनी जिम्मेदारी आप पर स्थानांतरित नहीं कर सकते।

Asha karta hu apko Saving Accounts kya he uske upar ye article me kuchh rochak jankari mili hogi. Hamare aur bhi article aap padh sakte he.

Previous Post Next Post